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हरियाली तीज 2026 कब है? 15 अगस्त को मनाया जाएगा पर्व, जानें पूजा विधि, व्रत, कथा, मुहूर्त और सामग्री

हरियाली तीज 2026 पूजा और उत्सव Guide

हरियाली तीज 2026: तारीख, पूजा विधि, व्रत, कथा, महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की पूरी जानकारी

हरियाली तीज 2026 शनिवार 15 अगस्त को मनाई जाएगी। जानिए श्रावण शुक्ल तृतीया की तिथि, शिव-पार्वती पूजा विधि, व्रत के नियम, पूजा सामग्री, कथा, सिंधारा और जयपुर Teej Festival से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।

Hindustan Enews | धर्म-आस्था विशेष | अपडेट: 13 अगस्त 2026

हरियाली तीज 2026 कब है? जानें 15 अगस्त 2026 की सही तारीख, श्रावण शुक्ल तृतीया, पूजा विधि, व्रत, कथा, शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री, महत्व, सिंधारा और जयपुर Teej Festival की जानकारी।

हरियाली तीज 2026 कब है? जानिए सही तारीख, तिथि और पूजा से जुड़ी जरूरी जानकारी

हरियाली तीज 2026 शनिवार, 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। यह पर्व श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है और भगवान शिव तथा माता पार्वती की आराधना, दांपत्य सुख, सौभाग्य, सावन की हरियाली और महिला-केंद्रित लोक परंपराओं से जुड़ा प्रमुख पर्व है।

भारत सरकार के आधिकारिक Incredible India पोर्टल पर भी Teej की तारीख 15 अगस्त 2026 दी गई है। पोर्टल के अनुसार इस अवसर पर महिलाएं पारंपरिक वस्त्र, मेहंदी, पूजा, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं।

पंचांग गणना के अनुसार तृतीया तिथि 14 अगस्त की शाम से 15 अगस्त की शाम तक रह सकती है। उदाहरण के लिए, भारत के Jaora क्षेत्र के लिए Drik Panchang तृतीया प्रारंभ 14 अगस्त 2026 को शाम 6:46 बजे और समाप्ति 15 अगस्त 2026 को शाम 5:28 बजे बताता है। इसलिए पूजा का स्थानीय मुहूर्त अपने शहर के पंचांग के अनुसार देखना उचित है।

हरियाली तीज को कई क्षेत्रों में सिंधारा तीज, श्रावणी तीज, श्रावण तीज और छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है।

हरियाली तीज 2026 पूजा और उत्सव Guide
हरियाली तीज 2026 पूजा और उत्सव Guide

हरियाली तीज 2026: एक नजर में

जानकारी विवरण
पर्व हरियाली तीज 2026
तारीख 15 अगस्त 2026, शनिवार
हिंदू तिथि श्रावण शुक्ल तृतीया
तृतीया प्रारंभ 14 अगस्त 2026, शाम लगभग 6:46 बजे, उदाहरण: Jaora
तृतीया समाप्त 15 अगस्त 2026, शाम लगभग 5:28 बजे, उदाहरण: Jaora
मुख्य आराध्य भगवान शिव और माता पार्वती
प्रमुख परंपराएं व्रत, शिव-पार्वती पूजा, कथा, मेहंदी, झूला, भजन
प्रमुख रंग हरा, लाल और पारंपरिक रंग
प्रमुख क्षेत्र राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश आदि
प्रसिद्ध उत्सव जयपुर तीज महोत्सव
संबंधित ऋतु सावन और वर्षा ऋतु

महत्वपूर्ण: तिथि समाप्ति और पूजा के स्थानीय समय में शहर के अनुसार अंतर हो सकता है। इसलिए दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, वाराणसी, मुंबई, पुणे, भोपाल, पटना, चंडीगढ़ या किसी अन्य शहर में पूजा से पहले स्थानीय पंचांग देखना बेहतर है।

हरियाली तीज क्या है?

हरियाली तीज सावन मास का लोकप्रिय हिंदू पर्व है, जिसका धार्मिक संबंध भगवान शिव और माता पार्वती से तथा सांस्कृतिक संबंध मानसून, हरियाली और महिला उत्सव से है।

सावन में वर्षा के कारण प्रकृति हरी-भरी हो जाती है। इसी प्राकृतिक परिवेश के कारण इस पर्व को हरियाली तीज कहा जाता है। महिलाएं पारंपरिक वस्त्र पहनती हैं, हाथों पर मेहंदी लगाती हैं, हरी चूड़ियां पहनती हैं, झूले झूलती हैं और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।

Incredible India के अनुसार Teej महिलाओं द्वारा विशेष रूप से मनाया जाने वाला पर्व है, जिसमें पारंपरिक पूजा, फूल, फल, मिठाई, भजन, लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं। राजस्थान में Teej का उत्सव विशेष रूप से भव्य रूप लेता है।

हरियाली तीज 2026 कब है?

हरियाली तीज 2026 में 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी।

यह पर्व श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। तृतीया तिथि का वास्तविक प्रारंभ और अंत स्थान के अनुसार अलग दिखाई दे सकता है। इसलिए केवल किसी एक शहर का समय पूरे भारत के लिए लागू नहीं किया जाना चाहिए।

Drik Panchang की भारत-आधारित गणना में Jaora के लिए तृतीया 14 अगस्त को शाम 6:46 बजे प्रारंभ और 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे समाप्त बताई गई है।

इसलिए 2026 में हरियाली तीज की पूजा के लिए 15 अगस्त को मुख्य पर्व दिवस माना जाएगा।

हरियाली तीज 2026 शुभ मुहूर्त और तिथि

हरियाली तीज के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा का समय स्थानीय पंचांग के आधार पर निर्धारित किया जाए।

उपलब्ध पंचांग गणना

पंचांग विवरण समय
तृतीया प्रारंभ 14 अगस्त 2026, लगभग 6:46 PM
तृतीया समाप्त 15 अगस्त 2026, लगभग 5:28 PM
मुख्य पर्व दिवस 15 अगस्त 2026
पूजा का स्थानीय समय शहर के पंचांग के अनुसार

ऊपर दिए गए समय Jaora की प्रकाशित पंचांग गणना का उदाहरण हैं, इसलिए इन्हें दिल्ली, जयपुर, मुंबई या अन्य शहरों के लिए स्वतः लागू नहीं करना चाहिए।

पाठकों के लिए सुझाव: यदि घर पर विशेष पूजा, कथा या पंडित सेवा आयोजित करनी है तो अपने शहर का नाम बताकर स्थानीय तिथि और मुहूर्त की पुष्टि करें।

हरियाली तीज का धार्मिक महत्व

हरियाली तीज भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़ा पर्व है। पारंपरिक मान्यता में माता पार्वती की तपस्या और भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने की कथा इस पर्व की धार्मिक भावना से जोड़ी जाती है।

विवाहित महिलाएं अपने दांपत्य जीवन, परिवार के मंगल और सौभाग्य की कामना से पूजा एवं व्रत करती हैं। अविवाहित महिलाएं भी अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार इस पर्व में भाग ले सकती हैं।

यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि प्रेम, समर्पण, परिवार, प्रकृति और भारतीय लोक-संस्कृति का उत्सव भी है।

हरियाली तीज की कथा

हरियाली तीज से जुड़ी कथा परंपरागत रूप से माता पार्वती की तपस्या और भगवान शिव से उनके विवाह से संबंधित मानी जाती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक कठोर तप किया। उनकी भक्ति, धैर्य और समर्पण के बाद भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया।

इसी कथा के आधार पर शिव-पार्वती का संबंध दांपत्य प्रेम, निष्ठा, समर्पण और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक माना जाता है।

हरियाली तीज की कथा के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग लोक-रूप मिलते हैं। इसलिए कथा का पाठ करते समय परिवार और क्षेत्र की परंपरा का पालन करना उचित है।

हरियाली तीज क्यों मनाई जाती है?

हरियाली तीज मनाने के पीछे धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों कारण हैं।

1. भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना

इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करके सुखी और मंगलमय पारिवारिक जीवन की प्रार्थना की जाती है।

2. दांपत्य सुख और सौभाग्य

विवाहित महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार व्रत और पूजा करती हैं।

3. सावन और प्रकृति का उत्सव

वर्षा ऋतु में चारों ओर हरियाली दिखाई देती है। इसलिए पर्व का नाम और उत्सव प्रकृति से गहराई से जुड़ा है।

4. महिला-केंद्रित सामाजिक उत्सव

कई क्षेत्रों में महिलाएं एक साथ पूजा, मेहंदी, गीत, झूला और पारिवारिक मिलन का आयोजन करती हैं।

5. भारतीय लोक संस्कृति

पारंपरिक साड़ी, लहंगा, हरी चूड़ियां, मेहंदी, लोकगीत, झूले और तीज के व्यंजन इस पर्व की सांस्कृतिक पहचान हैं।

हरियाली तीज और हरितालिका तीज में क्या अंतर है?

हरियाली तीज और हरितालिका तीज को इंटरनेट पर कई बार एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन सामान्य हिंदू पंचांग परंपरा में दोनों अलग पर्व हैं।

आधार हरियाली तीज हरितालिका तीज
तिथि श्रावण शुक्ल तृतीया भाद्रपद शुक्ल तृतीया
मौसम सावन और मानसून भाद्रपद
मुख्य आराध्य शिव-पार्वती शिव-पार्वती
प्रमुख पहचान हरियाली, सावन, झूले और महिला उत्सव पार्वती की तपस्या से जुड़ी हरितालिका कथा
लोकप्रिय नाम श्रावणी तीज, सिंधारा तीज आदि हरतालिका तीज
प्रमुख उत्सव क्षेत्र राजस्थान और उत्तर भारत के कई क्षेत्र भारत के अनेक राज्य

हरियाली तीज 2026 पूजा विधि

घर पर हरियाली तीज की पूजा परिवार की परंपरा के अनुसार की जा सकती है। अलग-अलग राज्यों और समुदायों में विधि में अंतर संभव है।

चरण 1: पूजा स्थान की सफाई

सुबह स्नान करके पूजा स्थान को साफ करें। चौकी लगाकर उस पर स्वच्छ वस्त्र बिछाएं।

चरण 2: शिव-पार्वती की स्थापना

भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। जहां परिवार की परंपरा हो, वहां तीज माता या गौरी की स्थापना भी की जा सकती है।

चरण 3: कलश स्थापना

कलश में स्वच्छ जल भरें। आम के पत्ते और नारियल रखकर कलश स्थापित करें।

चरण 4: संकल्प

भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करके अपनी श्रद्धा और परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत का संकल्प लें।

चरण 5: गणेश पूजन

पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण और पूजन से करें।

चरण 6: शिव-पार्वती पूजन

जल, अक्षत, चंदन, पुष्प, बेलपत्र, धूप और दीप अर्पित करें।

चरण 7: माता पार्वती का श्रृंगार

माता पार्वती को सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी, चूड़ी, बिंदी, चुनरी और अन्य उपलब्ध श्रृंगार सामग्री अर्पित की जा सकती है।

चरण 8: तीज कथा

हरियाली तीज की पारंपरिक कथा का पाठ या श्रवण करें।

चरण 9: मंत्र जाप और आरती

शिव-पार्वती के मंत्रों का जाप करें और पूजा के अंत में आरती करें।

चरण  10: प्रसाद वितरण

फल, मिठाई या परिवार की परंपरा के अनुसार नैवेद्य अर्पित करके प्रसाद वितरित करें।

हरियाली तीज पूजा सामग्री

हरियाली तीज की पूजा सामग्री क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।

पूजा सामग्री उपयोग
शिव-पार्वती की प्रतिमा या चित्र मुख्य पूजा
पूजा चौकी देव स्थापना
स्वच्छ वस्त्र चौकी सजावट
कलश कलश स्थापना
नारियल कलश पूजन
आम के पत्ते कलश
रोली तिलक
कुमकुम देवी पूजन
अक्षत पूजा
चंदन तिलक एवं पूजन
फूल अर्पण
बेलपत्र शिव पूजा
धूप आराधना
दीपक आरती
घी या तेल दीप प्रज्वलन
फल नैवेद्य
मिठाई प्रसाद
मेहंदी श्रृंगार
चूड़ियां सुहाग सामग्री
सिंदूर सौभाग्य
चुनरी देवी पूजन
हरे वस्त्र पारंपरिक उपयोग

हरियाली तीज पर व्रत कैसे रखें?

हरियाली तीज का व्रत परिवार, क्षेत्र और व्यक्तिगत आस्था के अनुसार अलग-अलग तरीके से रखा जाता है।

कुछ महिलाएं निर्जल व्रत रखती हैं, जबकि कुछ फलाहार या जल ग्रहण करके व्रत करती हैं। इसलिए सभी के लिए एक ही नियम निर्धारित करना उचित नहीं है।

गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों या किसी स्वास्थ्य समस्या वाले व्यक्ति को कठोर उपवास रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

ध्यान रखें: धार्मिक आस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर व्रत रखना आवश्यक नहीं है।

हरियाली तीज पर हरे रंग का महत्व

हरियाली तीज पर हरे रंग का विशेष सांस्कृतिक महत्व है।

हरा रंग सावन की हरियाली, प्रकृति, नई ऊर्जा, समृद्धि और जीवन के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इसी वजह से हरी साड़ी, हरी चूड़ियां और हरे श्रृंगार की परंपरा लोकप्रिय है।

हालांकि हरा कपड़ा पहनना कोई सार्वभौमिक धार्मिक अनिवार्यता नहीं है। इसे मुख्यतः सांस्कृतिक और पारंपरिक परंपरा के रूप में समझना चाहिए।

हरियाली तीज पर महिलाएं क्या करती हैं?

हरियाली तीज का उत्सव पूजा और व्रत से आगे बढ़कर सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का रूप लेता है।

इस अवसर पर महिलाएं:

  • पारंपरिक साड़ी या लहंगा पहनती हैं
  • मेहंदी लगाती हैं
  • हरी चूड़ियां पहनती हैं
  • शिव-पार्वती की पूजा करती हैं
  • तीज कथा सुनती हैं
  • झूला झूलती हैं
  • सावन के लोकगीत गाती हैं
  • भजन करती हैं
  • परिवार और सहेलियों के साथ मिलती हैं
  • पारंपरिक व्यंजन बनाती हैं
  • एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं देती हैं

राजस्थान में Teej का उत्सव विशेष रूप से प्रसिद्ध है और इसमें लोक संगीत, नृत्य तथा पारंपरिक शोभायात्राओं का महत्वपूर्ण स्थान है।

भारत में हरियाली तीज कहां प्रसिद्ध है?

हरियाली तीज राजस्थान और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में विशेष लोकप्रिय है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में भी इससे जुड़ी परंपराएं देखने को मिलती हैं।

1. जयपुर, राजस्थान

जयपुर में Teej Festival राजस्थान की सबसे प्रसिद्ध सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है।

Incredible India के अनुसार 2026 में Jaipur Teej Festival को 14–15 अगस्त के आसपास सूचीबद्ध किया गया है। उसी आधिकारिक जानकारी में आयोजन के प्रमुख स्थल के रूप में Tripolia Gate और City Palace का उल्लेख है। Rajasthan Tourism के आधिकारिक कैलेंडर में Teej Festival 2026 के लिए 15 और 16 अगस्त की तारीख दी गई है। इसलिए जयपुर जाने वाले लोगों को आयोजन से पहले आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि करनी चाहिए।

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2. दिल्ली और NCR

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में तीज पूजा, मेहंदी कार्यक्रम, महिला मिलन और पारंपरिक आयोजनों का आयोजन किया जाता है। :
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3. उत्तर प्रदेश

लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, आगरा, मेरठ और अन्य शहरों में सावन एवं तीज से संबंधित धार्मिक परंपराएं लोकप्रिय हैं। :
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4. हरियाणा और पंजाब

हरियाणा और पंजाब में तीज महिलाओं के सामाजिक एवं सांस्कृतिक उत्सव से जुड़ी है। लोकगीत, नृत्य, झूले और पारंपरिक परिधान इसका प्रमुख हिस्सा हैं। Incredible India भी पंजाब और हरियाणा में Teej के महिला-केंद्रित सांस्कृतिक आयोजनों का उल्लेख करता है।

5. बिहार और झारखंड

बिहार और झारखंड में भी Teej की परंपराएं कई परिवारों में धार्मिक एवं सामाजिक महत्व रखती हैं।

6. मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के कई शहरों में सावन और तीज के दौरान महिलाएं शिव-पार्वती पूजा, व्रत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती हैं।

7. महाराष्ट्र और मुंबई

मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में उत्तर भारतीय समुदाय के बीच तीज पूजा और शिव-पार्वती आराधना की मांग देखी जाती है।:
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हरियाली तीज 2026 पर पंडित कहां बुक करें?

Panditji On Way - Puja Service in India an All Over World
Panditji On Way – Puja Service in India an All Over World

यदि आप हरियाली तीज पर घर में विधिवत शिव-पार्वती पूजा, कथा या धार्मिक अनुष्ठान करवाना चाहते हैं, तो स्थानीय परंपरा के अनुसार अनुभवी पंडित की सहायता ली जा सकती है।

Panditji on Way – Official Website

Panditji on Way अपनी वेबसाइट पर पंडित बुकिंग, पूजा सेवाओं और पूजा सामग्री से संबंधित सेवाओं की जानकारी देता है तथा भारत के प्रमुख शहरों में सेवाएं उपलब्ध कराने का उल्लेख करता है।

Panditji on Way से पूजा बुक करने की सामान्य प्रक्रिया

Step 1: पूजा या धार्मिक सेवा चुनें।

Step 2: अपना शहर, तारीख और पसंदीदा समय बताएं।

Step 3: पूजा की आवश्यक सामग्री और अनुष्ठान की जानकारी की पुष्टि करें।

Step 4: पंडित की उपलब्धता और सेवा विवरण की पुष्टि करें।

Step 5: निर्धारित तारीख पर पूजा संपन्न कराएं।

त्योहार के दिन मांग अधिक हो सकती है, इसलिए आवश्यक होने पर पहले से उपलब्धता की पुष्टि करना उपयोगी है।

शहर के अनुसार Hariyali Teej Puja और Pandit Booking

शहर Hariyali Teej Puja Search Intent
Jaipur Hariyali Teej Puja in Jaipur घर पर पूजा
Delhi Hariyali Teej Puja in Delhi पंडित बुकिंग
Noida Teej Puja in Noida घर पर पूजा
Gurugram Teej Puja in Gurgaon पूजा सेवा
Lucknow Hariyali Teej Puja Lucknow पंडित बुकिंग
Varanasi Teej Puja Varanasi धार्मिक पूजा
Mumbai Hariyali Teej Puja Mumbai पंडित सेवा
Pune Teej Puja Pune घर पर पूजा
Bengaluru Teej Puja Bangalore ऑनलाइन/ऑफलाइन सेवा
Hyderabad Teej Puja Hyderabad पंडित बुकिंग
Ahmedabad Teej Puja Ahmedabad पूजा सेवा
Kolkata Teej Puja Kolkata पंडित सेवा
Chandigarh Teej Puja Chandigarh तीज पूजा
Patna Hariyali Teej Puja Patna पंडित बुकिंग
Bhopal Teej Puja Bhopal पूजा सेवा
Kolhapur Hariyali Teej Puja Kolhapur स्थानीय पूजा सेवा
Nagpur Hariyali Teej Puja Nagpur पंडित सेवा
Nashik Teej Puja Nashik पूजा बुकिंग

हरियाली तीज पूजा की लागत कितनी हो सकती है?

हरियाली तीज पूजा की एक समान राष्ट्रीय कीमत नहीं होती।

लागत इन बातों पर निर्भर कर सकती है:

  • पूजा का प्रकार
  • पूजा की अवधि
  • पंडितों की संख्या
  • शहर और यात्रा दूरी
  • पूजा सामग्री शामिल है या नहीं
  • कथा या अतिरिक्त अनुष्ठान
  • ऑनलाइन या घर पर पूजा
  • विशेष मंत्र या जाप
  • अतिरिक्त सामग्री

इसलिए पाठकों को बुकिंग से पहले कुल शुल्क, पूजा सामग्री, पंडित शुल्क, यात्रा शुल्क और अन्य संभावित शुल्क की स्पष्ट जानकारी लेनी चाहिए।

हरियाली तीज पर कौन से मंत्र पढ़ें?

शिव-पार्वती पूजा के दौरान परिवार की परंपरा के अनुसार मंत्रों का जाप किया जा सकता है।

भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र

ॐ नमः शिवाय।

माता पार्वती का सामान्य मंत्र

ॐ पार्वत्यै नमः।

मंत्र जाप की संख्या और विशेष अनुष्ठान के लिए योग्य पंडित या अपनी पारिवारिक पूजा परंपरा का मार्गदर्शन लिया जा सकता है।

हरियाली तीज पर क्या दान करें?

हरियाली तीज पर श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान करने की परंपरा कई परिवारों में है।

दान में:

  • वस्त्र
  • फल
  • अनाज
  • भोजन
  • श्रृंगार सामग्री
  • उपयोगी घरेलू वस्तुएं
  • दक्षिणा

आदि दिए जा सकते हैं।

दान का उद्देश्य श्रद्धा और सेवा की भावना होना चाहिए, न कि दिखावा।

हरियाली तीज पर सिंधारा क्या है?

कई उत्तर भारतीय और विशेष रूप से राजस्थान से जुड़ी परंपराओं में सिंधारा विवाहित बेटी को मायके से भेजे जाने वाले पारंपरिक उपहारों से जुड़ा है।

इसमें क्षेत्र और परिवार की परंपरा के अनुसार कपड़े, श्रृंगार सामग्री, मेहंदी, चूड़ियां, मिठाई और अन्य उपहार शामिल हो सकते हैं।

सिंधारा की सामग्री का कोई एक सार्वभौमिक धार्मिक नियम नहीं है। परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार सामग्री अलग हो सकती है।

हरियाली तीज 2026 पर जयपुर में क्या खास रहेगा?

जयपुर में Teej Festival राजस्थान की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है।

Incredible India के अनुसार Jaipur Teej Festival में Teej Mata की पारंपरिक शोभायात्रा, लोक कलाकार, संगीत, नृत्य और राजस्थान की शाही सांस्कृतिक विरासत देखने को मिलती है। आधिकारिक जानकारी में Tripolia Gate और City Palace जैसे स्थानों का उल्लेख है।

Rajasthan Tourism की आधिकारिक वेबसाइट 2026 के Teej Festival को 15–16 अगस्त के आगामी कार्यक्रमों में सूचीबद्ध करती है।

इसलिए जयपुर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आयोजन स्थल, समय, यातायात और स्थानीय प्रशासन की ताजा सूचना कार्यक्रम से पहले जांचनी चाहिए।

हरियाली तीज 2026 के लिए पूजा की तैयारी कैसे करें?

पूजा को व्यवस्थित बनाने के लिए एक दिन पहले:

  1. पूजा का स्थान साफ करें।
  2. शिव-पार्वती की प्रतिमा या चित्र तैयार रखें।
  3. पूजा चौकी और वस्त्र तैयार करें।
  4. कलश, नारियल और आम के पत्ते रखें।
  5. रोली, अक्षत, चंदन और पुष्प खरीदें।
  6. बेलपत्र की व्यवस्था करें।
  7. धूप, दीप और घी/तेल तैयार रखें।
  8. फल और मिठाई की व्यवस्था करें।
  9. मेहंदी, चूड़ी, सिंदूर और चुनरी जैसी श्रृंगार सामग्री रखें।
  10. यदि पंडित बुलाना है तो तारीख और समय पहले से निश्चित करें।

यदि आप तैयार पूजा सामग्री चाहते हैं, तो Panditji on Way की पूजा सामग्री संबंधी जानकारी भी देख सकते हैं।

Panditji on Way Puja Samagri Kit

हरियाली तीज 2026 शुभकामना संदेश

संदेश 1:
हरियाली तीज के पावन अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति, प्रेम और समृद्धि बनी रहे। हरियाली तीज 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।

संदेश 2:
सावन की हरियाली आपके जीवन में नई ऊर्जा और खुशियां लेकर आए। भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद आपके परिवार पर सदैव बना रहे।

संदेश 3:
हरियाली तीज के पावन पर्व पर आपके दांपत्य जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख बना रहे तथा परिवार में मंगल और समृद्धि आए।

हरियाली तीज 2026 में कब है?

हरियाली तीज 2026 में 15 अगस्त, शनिवार को मनाई जाएगी। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला प्रमुख सावन पर्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा, व्रत, कथा, मेहंदी, झूला और पारंपरिक उत्सव किए जाते हैं। तृतीया तिथि का प्रारंभ और समाप्ति शहर के अनुसार अलग हो सकती है, इसलिए पूजा का सटीक समय स्थानीय पंचांग से देखना चाहिए।

हरियाली तीज 2026 FAQs

1. हरियाली तीज 2026 कब मनाई जाएगी?

हरियाली तीज 2026 में शनिवार, 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।

2. हरियाली तीज किस तिथि को मनाई जाती है?

हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है।

3. हरियाली तीज पर किसकी पूजा की जाती है?

मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है।

4. क्या हरियाली तीज और हरितालिका तीज एक ही हैं?

नहीं। हरियाली तीज श्रावण शुक्ल तृतीया से संबंधित है, जबकि हरितालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया से जुड़ी अलग परंपरा है।

5. हरियाली तीज पर हरे कपड़े क्यों पहने जाते हैं?

हरा रंग सावन की हरियाली, प्रकृति, नई ऊर्जा और समृद्धि से जोड़ा जाता है। हरे कपड़े और चूड़ियां सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा हैं।

6. क्या हरियाली तीज पर व्रत रखना जरूरी है?

व्रत रखना व्यक्तिगत आस्था और पारिवारिक परंपरा पर निर्भर करता है। सभी महिलाओं के लिए एक समान व्रत नियम नहीं हैं।

7. क्या हरियाली तीज पर निर्जल व्रत रखना चाहिए?

कुछ परंपराओं में निर्जल व्रत रखा जाता है, लेकिन यह अनिवार्य सार्वभौमिक नियम नहीं है। स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।

8. हरियाली तीज पूजा में कौन-कौन सी सामग्री चाहिए?

शिव-पार्वती की प्रतिमा, चौकी, कलश, नारियल, आम के पत्ते, रोली, कुमकुम, अक्षत, चंदन, फूल, बेलपत्र, धूप, दीप, फल, मिठाई, मेहंदी, चूड़ी, सिंदूर और चुनरी जैसी सामग्री सामान्य रूप से उपयोग की जा सकती है।

9. हरियाली तीज पर कौन सी पूजा करनी चाहिए?

गणेश पूजन, शिव-पार्वती पूजन, माता पार्वती का श्रृंगार, तीज कथा, मंत्र जाप, आरती और प्रसाद वितरण किया जा सकता है।

10. हरियाली तीज की कथा किससे जुड़ी है?

पारंपरिक मान्यता में हरियाली तीज की कथा माता पार्वती की तपस्या और भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने की कथा से जुड़ी है।

11. हरियाली तीज कहां सबसे प्रसिद्ध है?

राजस्थान, विशेषकर जयपुर, में Teej Festival विशेष रूप से प्रसिद्ध है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भी Teej की परंपराएं प्रचलित हैं।

12. हरियाली तीज 2026 पर जयपुर में Teej Festival कब है?

सरकारी स्रोतों में तारीखों में कार्यक्रम-स्तर पर अंतर दिखाई देता है। Incredible India के Jaipur Teej Festival पेज पर 14–15 अगस्त 2026 का कार्यक्रम संदर्भ दिया गया है, जबकि उसी पेज के Essential Information में Rajasthan Tourism के स्रोत के साथ 15–16 अगस्त 2026 दिया गया है। Rajasthan Tourism के अपने festival calendar में भी 15–16 अगस्त सूचीबद्ध है। इसलिए यात्रा से पहले आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि करना जरूरी है।

13. क्या हरियाली तीज की पूजा घर पर की जा सकती है?

हां। परिवार की परंपरा और उपलब्ध सामग्री के अनुसार घर पर शिव-पार्वती की पूजा की जा सकती है।

14. हरियाली तीज पर पंडित कैसे बुक करें?

आप अपने शहर, पूजा का प्रकार, तारीख और समय के अनुसार Panditji on Way जैसी पंडित सेवा से उपलब्धता और पूजा विवरण की जानकारी ले सकते हैं।

15. क्या घर पर पंडित बुलाया जा सकता है?

शहर और तारीख के अनुसार उपलब्धता पर निर्भर करता है। बुकिंग से पहले घर पर पूजा की सेवा और पंडित की उपलब्धता की पुष्टि करनी चाहिए।

16. हरियाली तीज पूजा की कीमत कितनी है?

पूजा की कीमत शहर, पूजा के प्रकार, अवधि, पंडितों की संख्या और पूजा सामग्री पर निर्भर करती है। बुकिंग से पहले पूरा पैकेज और शुल्क पूछना उचित है।

17. हरियाली तीज का मुख्य महत्व क्या है?

इस पर्व का महत्व शिव-पार्वती भक्ति, दांपत्य सुख, सौभाग्य, सावन की हरियाली, महिला उत्सव और भारतीय लोक संस्कृति से जुड़ा है।

18. हरियाली तीज पर कौन सा मंत्र पढ़ें?

भगवान शिव के लिए ॐ नमः शिवाय और माता पार्वती के लिए ॐ पार्वत्यै नमः का जाप श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है।

19. हरियाली तीज पर क्या दान करना चाहिए?

क्षमता और श्रद्धा के अनुसार वस्त्र, भोजन, फल, अनाज, श्रृंगार सामग्री या दक्षिणा का दान किया जा सकता है।

20. हरियाली तीज 2026 का सही पूजा समय क्या है?

सटीक पूजा समय शहर के स्थानीय पंचांग पर निर्भर करता है। तिथि का समय भी स्थान के अनुसार बदल सकता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग के आधार पर मुहूर्त निर्धारित करें।

निष्कर्ष: हरियाली तीज 2026 केवल व्रत नहीं, भारतीय संस्कृति का उत्सव

हरियाली तीज 15 अगस्त 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। यह सावन की हरियाली, भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना, दांपत्य जीवन, महिला-संस्कृति, लोकगीत, मेहंदी, झूले और पारिवारिक परंपराओं का सुंदर संगम है।

इस पर्व पर पूजा या व्रत करते समय सबसे महत्वपूर्ण है कि स्थानीय पंचांग, परिवार की परंपरा और व्यक्तिगत स्वास्थ्य को ध्यान में रखा जाए।

यदि आप घर पर हरियाली तीज की शिव-पार्वती पूजा, कथा या अन्य धार्मिक अनुष्ठान करवाना चाहते हैं, तो अनुभवी पंडित की सहायता लेकर पूजा की आवश्यकताओं और स्थानीय मुहूर्त की पहले से पुष्टि कर सकते हैं।

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